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मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में ब्रजेश ठाकुर सहित 21 आरोपियों के

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में ब्रजेश ठाकुर सहित 21 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट 

मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर सहित 21 आरोपियों के खिलाफ विशेष पॉक्सो कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में गंभीर आरोप लगाए हैंस लड़कियों  ने अपने बयान में कहा कि उनसे गंदे भोजपुरी गानों पर डांस कराया जाता थाण् उन्हें नशे की सुई और दवा देकर सुला दिया जाता था।

मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में ब्रजेश ठाकुर सहित 21 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट

सोने के बाद उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जाता था। व‍िरोध करने पर ब्रजेश की करीबी सहयोगी मधुए बच्च‍ियों को खाने में सूखी रोटी और नमक देती थी।इसके अलावा तत्कालीन सहायक निदेशक रोजी रानी पर बालिका गृह में हो रही हिंसक वारदातें और यौन उत्पीड़न की जानकारी के बावजूद मुख्यालय व जिला प्रशासन को इसकी रिपोर्ट नहीं सौंपी।

इसे लेकर सीबीआई ने भी टिप्पणी की है। बालिका गृह कांड की जांच कर रही इंसपेक्टर विभा कुमारी ने चार्जशीट में राेजी रानी पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट की सहायक निदेशक होते हुए रोजी रानी ने अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया है।सीबीआई ने चार्जशीट में इस बात का साफ जिक्र है कि बालिका गृह में रोज ब्रजेश ठाकुर की महफिल हर रात सजती थी। 

मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर सहित 21 आरोपियों | उनसे गंदे भोजपुरी गानों पर डांस कराया

ब्रजेश के अलावा शेल्टर होम के कर्मचारी और सीडब्ल्यूसी के सदस्य सहित अन्य लोग रात में महफ़िल में पहुंचते थे।और बहा  नाबालिग बच्चियों को छोटे.छोटे कपड़े पहनाकर अश्लील गानों पर डांस के लिए मजबूर करते और इनकार करने पर उन्हें मारा पीटा जाता था।

चार्जशीट के अनुसार लड़कियों को ब्लू फिल्में भी दिखाई जाती थीण् इसके बाद नशे का इंजेक्शन और दवा देकर दुष्कर्म किया जाता था।विरोध करने वाली किशोरियों को कुर्सी से बांधकर हवस का शिकार बनाया जाता था। मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में19 दिसंबर को सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।

जिसमे 33  बालिका गृह की बच्चियों समेत 102 लोगों की गवाही दर्ज है। चार्जशीट के कवर पन्ने पर सीबीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि बयान देने वाली किशोरियों का नाम चार्जशीट में नहीं खोला गया है। इनके नाम और केस से सम्बंधित सभी बाते लिफाफे में कोर्ट में पेश की गई है जिससे किशोरियों की गोपनीयता बनी रहे।

 

 

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